Ik kahani

बस कुछ दिन और फिर….
चले जाना है।
कुछ सपनो को हकीकत किये,
और कुछ सपनो को साथ लिये,
चले जाना है।
कौन सा पूरा होगा?
कौन सा अधूरा रह जायेगा?
ये अनुभव के साथ,
चले जाना है।
बस कुछ दिन और फिर….
चले जाना है।

कुछ उम्मीदों के साथ,
कुछ उम्मीदों को तोड़कर,
चले जाना है।
कुछ साँसों का बोझ लिए,
कुछ जीने की चाह लिए,
चले जाना है।
ना जाने वक़्त का कारवां ये,
कहा जाकर थमेगा?
बस ये सोचकर एक दिन,
चले जाना है!
बस कुछ दिन और फिर…
चले जाना है!!

 

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